मंगलवार, 16 अगस्त 2016

बारह भाषाओं के मंजे हुए गायक हैं सोनू निगम

संगीतकार खैयाम के साथ गायक सोनू निगम

नाम- सोनू निगम
जन्मतिथि- 30 जुलाई 1973
पिता- अगम कुमार निगम
माता- शोभा निगम
बहनें- मीनल और निकिता
पत्नी का नाम- मधुरिमा
बेटा- निवान निगम

सोनू निगम का जन्म 30 जुलाई 1973 को भारत में हरियाणा के फरीदाबाद में एक कायस्थ परिवार में हुआ. वह हिंदी फिल्मों के फेमस सिंगर हैं और हिंदी के साथ-साथ कन्नड़, उड़िया, तमिल असमिया, पंजाबी मराठी और तेलुगु फिल्मों में भी अनेक गाने गा चुके हैं. वह प्लेबैक सिंगर हैं और कई इंडी-पॉप एलबम भी उन्होंने बनाए हैं. यही नहीं सोनू निगम एक अच्छे एक्टर हैं और उन्होंने कुछ हिंदी फिल्मों में भी काम किया है.
सोनू निगम चार साल की उम्र से संगीत की दुनिया में हैं. उन्होंने सबसे पहले अपने पिता के साथ मंच साझा किया था और मोहम्मद रफी का गीत ‘क्या हुआ तेरा वादा..’ गाया. फिर वह शादियों और पार्टीज में भी अपने पिता के साथ जाते और गायकी करने लगे. कुछ बड़े होने पर उन्होंने कई बड़ी संगीत प्रतियोगिताओं में भाग लेना शुरू किया. पंद्रह वर्ष के होने पर गायकी को ही अपना व्यवसाय बनाने के लिए वह अपने पिताजी के साथ मुंबई आ गए और शास्त्रीय गायक उस्ताद गुलाम मुस्तफा खान से शास्त्रीय संगीत की शिक्षा ली.
प्लेबैक सिंगिंग
गायकी के करियर के शुरुआती दौर में सोनू निगम को काफी संघर्ष करना पड़ा, तब उन्होंने टी- सिरीज की एक एलबम ‘रफी की यादों’ के लिए गाना शुरू किया. टी-सिरीज के मालिक गुलशन कुमार ने उन्हें ज्यादा लोगों तक पहुंचने का मौका दिया और पार्श्व गायक के रूप में सोनू निगम ने अपना पहला गीत 1990 में आई फिल्म ‘जनम’ के लिए गाया, जो औपचारिक तौर पर रिलीज ही नहीं हुआ. इसके बाद उन्होंने रेडियो पर विज्ञापन बनाना शुरू किया और साथ साथ 1995 में जी टीवी पर प्रसारित होने वाले फेमस कार्यक्रम सारेगामापा का संचालन करना शुरू किया. उनका पहली बार रिलीज होने वाला गाना फिल्म ‘आजा मेरी जान’ का ‘ओ आसमान वाले..’ है, तब उन्होंने अपना पहला एलबम ‘रफी की यादें’ 1992 में रिलीज किया.
कुछ दिनों बाद ये एलबम इतना पापुलर हुआ कि सोनू को फिल्म ‘बेवफा’ में गाने का मौका मिला. इस फिल्म में उन्होंने ‘अच्छा सिला दिया..’ गाया. ये गाना ठीक ही रहा, लेकिन 1997 में आई फिल्म ‘बॉर्डर’ के गीत ‘संदेसे आते हैं..’ ने उन्हें बड़ी सफलता दिलाई. फिल्म ‘परदेस’ का सोनू निगम की आवाज में गाना ‘ये दिल..’ भी काफी पसंद किया गया.
1999 में उनका एलबम ‘दीवाना’ आया, जिसमें उन्होंने लव सांग्स के जरिए अपना टेलेंट दिखाया और ये एलबम आज भी भारत के सफलतम एलबम में से एक है. फिल्म ‘परदेस’ के गीत ‘ये दिल दीवाना..’ गाने के बाद बॉलीवुड में उनकी पहचान बनीं, उन्होंने कई पुरस्कार भी जीते और उन्हें फिल्म ‘कल हो न हो’ का टाइटल सॉन्ग गाने का ऑफर मिला, साथ ही 2013 में फिल्म ‘अग्निपथ’ का गीत ‘अभी मुझमें कहीं..’ भी मोस्ट पापुलर सॉन्ग साबित हुआ. उन्होंने फिल्म ‘सूपर से ऊपर’ और ‘जाल’ के गीतों को बिक्रम घोष के साथ मिलकर कंपोज किया. बाद में सोनू ने एक पंजाबी सिंगल रिलीज किया, जिसका शीर्षक ‘पंजाबी प्लीज’ था और रफी का टू डिस्क कलेक्शन रिलीज किया, जिसमें बर्मिंघम सिम्फनी ऑर्केस्ट्रा ने संगीत दिया. अपने एलबम ‘चंदा की डोली’ के लिए सोनू ने कई गीत लिखे और सभी गीतों को अपनी आवाज दी. माइकल जैक्सन की मृत्यु के बाद सोनू ने उन्हें श्रृद्धांजलि के तौर पर एक एलबम ‘द बीट ऑफ अवर हर्ट्स’ रिलीज किया.
नवंबर 2007 में सोनू निगम को हॉर्वर्ड यूनिवर्सिटी में ड्रयू गिलपिन फॉस्ट के 28वें प्रेसीडेंट चुने जाने पर हॉर्वर्ड कॉलेज संगीत के दौरान गांधी जी का प्रिय भजन ‘वैष्णव जन तो तेने रे कहिए..’ गाने का मौका मिला. 2008 में उन्होंने यूनाइटेड किंगडम के ‘थ्री सिटी टूर’ में पार्टिशिपेट किया, जिसमें उन्होंने मोहम्मद रफी के गीत गाए.
वर्ष 2011 में सोनू निगम ने ब्रिटनी स्पियर्स के साथ ‘आई वाना गो..’ का रिमिक्स गाया और डीजे अविशी के साथ गाना ‘इंडियन लेवल’ गाया.
वर्ष 2013 में 7 सितंबर से 5 अक्टूबर तक सोनू निगम यूएस बिलबोर्ड के चार्टस के नंबर वन आर्टिस्ट बने.
सितंबर 2015 में निगम ने मशहूर संगीतकार खय्याम के साथ मिलकर एक गाना रिकॉर्ड किया, जिसका शीर्षक ‘गुलाम बंधु’ था.
एक्टिंग करियर
सोनू ने फिल्म ‘बेताब’ से अपना फिल्मी करियर शुरू किया था.  इसके बाद उन्होंने ‘उस्तादी उस्ताद से’ ‘हमसे है जमाना’ ‘तकदीर’ ‘कृष्णा-कृष्णा’ ‘प्यारा दुश्मन’ ‘जानी दुश्मन-एक अनोखी कहानी’ ‘काश आप हमारे होते’ और ‘लव इन नेपाल’ जैसी फिल्मों में काम किया. इसके अलावा सोनू निगम ने एक एनिमेटिड फिल्म ‘डिज्नीज अलादीन’ के हिंदी संस्करण को अपनी आवाज में डब किया है और गायकी भी की है.
सिंगिंग और कंपोजिंग
सोनू निगम ने कई भाषाओं में रॉक, रोमांटिक, सैड और देशभक्ति सभी प्रकार के गाने गाए हैं. उन्होंने फिल्म ‘सिंह साहब द ग्रेट’ का टाइटल सॉन्ग कंपोज किया तथा फिल्म ‘जाल’ के सभी सॉन्गस कंपोज किए.
सोनू ने 1999 में जी टीवी पर प्रसारित होने वाला शो ‘सा रे गा मा पा’ को होस्ट किया था. अक्टूबर 2007 में वह ‘सा रे गा मा पा लिटिल चैंप्स’ इंटरनेशनल में सुरेश वाडकर के साथ जज की भूमिका में आए. इसके बाद निगम 2009 में ‘सा रे गा मा पा मेगा चैलेंज ग्रांड फिनाले’ में सेलिब्रिटी जज की भूमिका में दिखाई दिए.
 पुरस्कार और सम्मान
‘बॉर्डर’ फिल्म के गीत ‘संदेसे आते हैं..’ के लिए वर्ष 1997 में बेस्ट प्लेबैक सिंगर मेल का जी सिने अवॉर्ड तथा बेस्ट मेल सिंगर का ‘आशीर्वाद अवॉर्ड’ तथा बेस्ट मेल सिंगर ‘सनसुई व्यूवर्स च्वायस अवॉर्ड’ दिया गया.
वर्ष 2001 में बेस्ट मेल पॉप आर्टिस्ट का ‘स्टार स्क्रीन अवॉर्ड’, फिल्म ‘कभी खुशी कभी गम’ के गीत ‘सूरज हुआ मद्धम..’ के लिए बेस्ट मेल प्लेबैक सिंगर चुने गए. इसी वर्ष इसी गीत के लिए आईफा अवॉर्ड तथा बेस्ट प्लेबैक का जी सिने अवॉर्ड भी दिया गया.
इसी वर्ष उन्होंने अपने एलबम याद के लिए बेस्ट पॉप सिंगर का बॉलीवुड म्यूजिक अवॉर्ड भी प्राप्त किया,  फिल्म ‘दिल चाहता है’ के गाने ‘तन्हाई..’ के लिए बेस्ट मेल प्लेबैक सिंगर का स्टार स्क्रीन अवॉर्ड.
वर्ष 2002 में फिल्म साथिया के गाने साथिया के लिए बेस्ट मेल प्लेबैक का आईफा अवॉर्ड, तथा वर्ष 2002 का ‘जी सिने अवॉर्ड’ फोर बेस्ट मेल प्लेबैक सिंगर, एमटीवी इम्मीज का बेस्ट मेल सिंगर अवॉर्ड तथा इसी गीत के लिए बॉलीवुड म्यूजिक अवॉर्ड फोर बेस्ट मेल सिंगर, बेस्ट मेल प्लेबैक सिंगर का ‘फिल्मफेयर अवॉर्ड’.
फिल्म ‘कल हो न हो’ के गाने ‘कल हो न..’ हो के लिए बेस्ट प्लेबैक मेल का फिल्मफेयर, आईफा अवॉर्ड, तथा नेशनल फिल्म अवॉर्ड से भी सम्मानित किए गए.
2005 में एमटीवी द्वारा स्टाइल आईकॉन के लिए ‘एमटीवी स्टाइल अवॉर्ड’ दिया गया तथा ‘टीचर्स अचीवमेंट अवॉर्ड’ भी दिया गया.
2005 में फिल्म ‘पहेली’ के गाने ‘धीरे जलना..’ के लिए बेस्ट मेल सिंगर का ‘स्टार स्क्रीन अवॉर्ड’ मिला इसी वर्ष फिल्म ‘कल हो न’ हो के गाने ‘मै हूं न..’  के लिए ‘लॉयन गोल्ड्स अवॉर्ड’, तथा संगीत में आउटस्टेंडिंग परफॉर्मेंस के लिए ‘स्वरालय येसुदास अवॉर्ड’ प्रदान किया गया.
वर्ष 2006 में टाइटल ट्रैक ‘कभी अलविदा न कहना..’ के लिए बेस्ट मेल सिंगर का बॉलीवुड म्यूजिक व फैशन अवॉर्ड’ मिला.
2007 में फिल्म ‘ओम शांति ओम’ के गाने ‘मैं अगर कहूं..’ के लिए वार्षिक सेंट्रल यूरोपियन बॉलीवुड म्यूजिक अवॉर्ड फोर प्लेबैक सिंगर.
2008 में फिल्म ‘जोधा अकबर’ के ‘इन लम्हों के दामन में..’ गाने के लिए ‘लॉयन्स गोल्ड अवॉर्ड’, तथा बेस्ट मेल सिंगर का ‘एनुअल सेंट्रल यूरोपियन बॉलीवुड अवॉर्ड’
वर्ष2009 में टाइटल ट्रेक ‘दिल मिल गए..’ के लिए बेस्ट मेल सिंगर का ‘टेलिविजन एकेडमी अवॉर्ड’ तथा इसी वर्ष कन्नड़ का ‘फिल्मफेयर फोर बेस्ट मेल प्लेबैक सिंगर’.
2010 में ‘ग्लोबल इंडिया म्यूजिक अवॉर्ड’ फोर बेस्ट लाइव परफॉर्मर मेल.
वर्ष 2011 में एमटीवी यूथ आईकॉन का ‘ग्लोबल इंडियन म्यूजिक अवॉर्ड’.
2012  में फेवरेट एवरग्रीन सिंगर का ‘लॉयन्स गोल्ड अवॉर्ड’.
2013 में ‘अग्निपथ’ के गीत अभी मुझमें कहीं के लिए बेस्ट मेल प्लेबैक सिंगर का ‘रॉयल स्टेग मिर्ची म्यूजिक अवॉर्ड’, साथ ही ‘जी सिने अवॉर्ड’ और ‘लॉयन्स गोल्ड अवॉर्ड’ व ‘एमटीवी वीडियो एंड म्यूजिक अवॉर्ड’ भी दिया गया.
...डिम्पल सिरोही...


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