शुक्रवार, 28 जून 2013

स्नोडेन ने दिखाया अमेरिका को आईना......


आप और हम इस भ्रम में थे कि सोशल नेटवर्किंग साइटों और ई-मेल आदि पर जो काम और विचारों का आदान-प्रदान हम करते हैं, वह गोपनीय है। एडवर्ड स्नोडेन ने दुनिया को बताया कि कैसे अमेरिका सुरक्षा और आतंकवाद के नाम पर हमारी निजता में दखल दे रहा है। कुछ दिनों पहले तक दुनिया के लिए अनजान एडवर्ड स्नोडेन इतिहास में इसलिए याद किए जाएंगे, क्योंकि उन्होंने दुनिया की सुपर पॉवर कहे जाने वाले अमेरिका का असली चेहरा दुनिया को दिखाया है। अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए के लिए तकनीकी सहायक के रूप में कार्य कर चुके 29 वर्षीय  एडवर्ड इस बात के लिए भी जाने जाएंगे कि उन्होंने उच्च शिक्षा नहीं ली, लेकिन कंप्यूटर की अच्छी जानकारी के बल पर सीआईए में वह उन्नति करते कर गए। यूनाइटेड स्टेट कोस्टगार्ड में अधिकारी लॉनिन स्नोडेन तथा क्लर्क मां बेल्तिमोर की संतान एडवर्ड स्नोडेन का जन्म 21 जून 1983 को हुआ था। 1999 में उन्होंने कंप्यूटर में हाईस्कूल डिप्लोमा लेने के लिए प्रवेश लिया, लेकिन बदकिस्मती से वह बीमार हो गए, जिसके चलते वह महीनों तक स्कूल नहीं जा सके। उनकी पढ़ाई एक लोकल कम्यूनिटी कॉलेज से पूरी हुई। 2011 में स्नोडेन ने यूनिवर्सिटी आॅफ लिवरपूल से मास्टर डिग्री हासिल करने के बाद जापानी भाषा में भी दक्षता हासिल की।
हालांकि स्नोडेन 2008 के अमेरिकी चुनाव के दौरान ही यह खुलासा करने वाले थे, जो उन्होंने अब किया है, लेकिन वह देखना चाहते थे कि यदि बराक ओबामा राष्ट्रपति चुने जाते हैं, तो वह अमेरिका की उन नीतियों में बदलाव करते हैं या नहीं, जो चली आ रही हैं और दुनिया के लिए खतरनाक मानी जाती रही हैं। स्नोडेन को निराशा हाथ लगी। ओबामा अपने पूर्ववर्तियों की नीतियों में बदलाव नहीं ला सके। निराश होकर स्नोडेन सीआईए की नौकरी छोड़कर राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी में कांट्रेक्ट लेने  वाली कंपनियों के लिए काम करने लगे। मौका मिलते ही हांगकांग जाकर उन्होंने वह खुलासा करने का कर साहस दिखाया, जिससे वह अमेरिका की आंख की किरकरी बन गए हैं।  
स्नोडने के खुलासे से यह बहस भी शुरू हो गई है कि क्या स्नोडेन ने देश के साथ गद्दारी की है? दरअसल, गद्दारी और बगवात में इतना बारीक अंतर है कि लोग दोनों  को एक-दूसरे का पर्याय समझ लेते हैं। स्नोडेन गद्दार तब होते, जब वह दूसरे देशों के लिए जासूसी कर रहे होते। उन्होंने अमेरिका की उस हरकत का पर्दाफाश किया है, जिसे कोई भी सहन नहीं कर सकता है। इसलिए स्नोडेन बागी हैं, देशद्रोही नहीं। अब देखना है  िक एडवर्ड स्नोडेन को दुनिया का कोई देश राजनीतिक शरण देता है या अमेरिकी ताकत के आगे झुककर उन्हें अमेरिका को सौंप देता है?

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