शनिवार, 2 जून 2012

यदि हम भगवान हाते तो..









कुदरत ने हर प्राणी को बड़े करीने से बख्शा है उसी के अनुरूप उसकी क्षमताएं भी निर्धारित की हैं.क्या आपने कभी सोचा है कि ईश्वर ने जिस प्राणी को जो भी दिया है या जैसी भी शक्ल दी है वह एकदम सटीक है. भगवान ने इंसान को जैसा बनाया है या फिर जैसी भी क्षमताएं दी हैं वह एकदम उचित है. चलिए इमैजिन कीजिए कि तोते बिल्लियों की शक्ल लेकर उड़ते,  खरगोश के सिर पर मुर्गे जैसी कलगी होती चिड़ियों का मुहं घोड़े जैसा होता या उल्लू लोमड़ी का मुहं लिए उड़ता। शेर का मुहं चिंपाजी जैसा होता या फिर  भेड़ की गर्दन आस्ट्रिच जैसी होती तो आप इन जानवरों को कैसे पहचानते और इन्हें क्या नाम देते। आप शायद कल्पना के संसार में खो गए  लेकिन जनाब हम इन कल्पानाओं को हकीकत का जामा पहना चुके हैं. जरा देखिए इन तस्वीरों को और कुदरत की अनमोल कारीगारी पर नाज करिए । कहीं भगवान ने हमारी गर्दन भी शुतुरमुर्ग जैसी ही बना डाली होती तो...............................

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